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लोग अकसर यूँ कहते हैं,
कि शायर तो अपनी ही ख्वाबों की दुनिया में रहते हैं।
क्या खूब वो दुनिया होगी,
जहाँ वो शायर दिन रात भटकता है बन कर जोगी।।

इक दुनिया
जहाँ जब वो कहे तब रात,
जहाँ जो वो कहे वही सही बात।
जब जी चाहे तो सवेरा,
जहाँ दिल चाहे वहीं रोज़ इक नया बसेरा।।
या अल्लाह,
क्या खूब वो दुनिया होगी!

लोग अकसर यूँ भी कहते हैं,
कि शायर असलियत से दूर बस ख्यालों में गुम रहते हैं।
क्या हसीं वो ख्याल होंगे,
डूबे रहें हर समय जो उनमें
नाजाने ऐसे कौन से अलफ़ाज़ होंगे?

वो ख्याल
जहाँ रात दिन एहसासों को मिलते नए साज़ हैं
जहाँ दिल के छुपे कई राज़ हैं,
जो समेटे इक मन की दुनिया है,
दुनिया जिसे उसने खुद ही बुन लिया है।।
या अल्ला!
क्या हसीं वो ख्याल होंगे।

लोग तो अकसर ही कुछ कहते हैं,
जब देखो बस बातों में उलझे रहते हैं।
कोई इन लोगों से पूछे तो ज़रा,
इनमें और उस शायर में फर्क क्या है भला?

बस इतना,
इनके फसाद मन में हैं,
और उसके?
सियाही के रंगों में लिपटे कागज़ पर।।

Something of a Dilemma

I have created for myself, inadvertently, something of a dilemma. On Thursday evening a nice young lady from my university alumni office called me on the ‘phone. 465 woorden meer


That one post

Disclaimer: don’t read if you don’t want negativity in your life, lots of improper sentence construction. Post due to sudden intense hatred of everything and writer’s block. 510 woorden meer


Sleeping woes

People: how many times does yr bub wake up in the night, hope you get good sleep?

Me: twice – thrice

Ppl: oh OK. . Not too bad I guess. 48 woorden meer



london 8.04am 11.6C drizzle friday 2015

the govt has asked tech companies to provide a backdoor to their encryption so that govts can use it to break the encryption on potential terrorists and read their communications.   240 woorden meer


I am at an interesting point in my life. I feel like I am truly becoming who I am meant to be and becoming more confident because of that. 644 woorden meer


The struggle that is life

So it has happened yet again, the past that haunts you and the repeating cycle of failed relationships. You are at fault again, because of you clinging to convenience. 367 woorden meer

Avenue Of Self Thought